VIVO, PEPSI और DLF में IPL का TITLE SPONSOR बनने के लिए किसने दी कितनी रकम

भारत मे चल रहे चीन के जबरदस्त बहिष्कार का खामियाजा चीनी मोबाइल कंपनी VIVO को भी चुकाना पड़ा। 2017 से IPL की TITLE SPONSOR रही VIVO को VIVO 2020 से टाइटल स्पॉन्सरशिप से हटा दिया गया हैं। इससे पहले आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में फैसला हुआ था कि आईपीएल के 13वें सीजन में भी वीवो ही टाइटल स्पॉन्सर रहेगा। लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया पर बीसीसीआई के इस फैसले का जमकर विरोध हुआ जिसके चलते गुरुवार को बीसीसीआई ने VIVO 2020 से वीवो की स्पॉन्सरशिप हटाने का फैसला लिया।

IPL को होगा 440 करोड़ का नुकसान

आईपीएल 2008 से लेकर 2019 तक कुल 3 कंपनियां आईपीएल की TITLE SPONSOR रह चुकी है इन सब मे चीनी मोबाइल कंपनी VIVO ने IPL को टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए सबसे ज्यादा रकम चुकाई थी। आईपीएल के एक सीजन के लिए वीवो आईपीएल को 440 करोड़ रुपये देता हैं। आईपीएल को इस नुकसान की भरपाई के लिए ऐसे स्पॉन्सर को ढूंढना होगा जो इस कोरोना काल मे भी 440 करोड़ रुपये जितनी मोटी रकम एक सीजन के लिए खर्च कर सके।

इतना ही नही IPL और VIVO की ये साझेदारी टूटने से इस साल बीसीसीआई सहित सभी 8 फ्रेंचाइजी को लगभग 27.5 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा। इस पर अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आईपीएल को इतनी मोटी रकम देने वाला स्पॉन्सर मिलना मुश्किल है। ऐसे में बोर्ड सहित फ्रेंचाइजियों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। और वह इसके लिए तैयार भी है, यह वर्ष सभी के लिए मुश्किल होगा लेकिन वह इसके लिए बिल्कुल तैयार है, शो चालू रहेगा।

ये भी पढ़ें :- आईपीएल 2020 को लेकर बीसीसीआई ने बनाएं कुछ अहम नियम जान लीजिए।

VIVO सहित इन 3 कंपनियों ने TITLE SPONSOR बनने के चुकाई थी इतनी रकम

जैसा कि सब जानते है आईपीएल की शुरुआत 2008 में हुई थी और IPL को पहला TITLE SPONSOR रियल एस्टेट कंपनी DLF के रूप में मिला था। DLF और आईपीएल के बीच 2008 से 2012 तक 5 साल का करार हुआ था। इसके लिए DLF ने आईपीएल को 200 करोड़ रुपये में TITLE SPONSOR बनने का अधिक हासिल किया था। इसके बाद 2013 से 2016 तक अमेरिकी कोल्ड्रिंक कंपनी PEPSI आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सर बनी इसके लिए PEPSI ने 396 करोड़ 80 लाख की रकम खर्च की थी।

VIVO ने चुकाई है 1000 गुना ज्यादा रकम

IPL का TITLE SPONSOR बनने के लिए VIVO ने आईपीएल को DLF और PEPSI से 1000 गुना ज्यादा रकम चुकाई हैं। 2017 में PEPSI को हटाकर वीवो ने टाइटल स्पॉन्सर बनने के लिए बीसीसीआई को 2199 करोड़ की रकम के साथ करार किया है। इसका मतलब ये है कि हर सीजन में VIVO IPL को टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए 440 करोड़ रुपये देता हैं। VIVO के एक सीजन की इतनी रकम है जितनी PEPSI के पूरे 5 साल के करार की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *